tear3 - Copy

गोल गोल सी ये तेरी ऑखें,
आशाएॅ खूब भर गई जिसमे।
तीखी नजर हाॅय ये तेरी,
चुरा लेती हर तरह के सपने।
क्या कोई कमि थी जो,
न कर पाई सारे अपने?
अब तो नमि ही नमि है,
झांक कर देखो तो उसमे।

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